PMRC Scheme 2026: विदेशों में काम कर रहे भारतीय शोधकर्ताओं को भारत बुलाएगी सरकार, शिक्षा मंत्रालय ने मांगे आवेदन

दिल्ली: भारत सरकार ने वैश्विक स्तर पर कार्यरत भारतीय प्रतिभाओं को देश के अनुसंधान और नवाचार तंत्र से जोड़ने के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर (PMRC) स्कीम 2026 के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना का उद्देश्य विदेशों की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी, रिसर्च लैब, उद्योगों और तकनीकी संस्थानों में कार्यरत भारतीय मूल के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों को भारत में शोध एवं नवाचार गतिविधियों से जोड़ना है।

पीएमआरसी योजना के माध्यम से भारत सरकार देश में विश्वस्तरीय रिसर्च इकोसिस्टम को मजबूत करना चाहती है। यह योजना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, हेल्थकेयर, बायोटेक्नोलॉजी, स्पेस, डिफेंस, कृषि, ब्लू इकोनॉमी और एटॉमिक एनर्जी सहित 13 राष्ट्रीय प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर केंद्रित होगी।

इस योजना को तीन प्रमुख स्तंभों—लीड इंस्टीट्यूशन, होस्ट इंस्टीट्यूशन और पीएमआरसी फेलोज—के आधार पर तैयार किया गया है। चयनित शोधकर्ताओं को फेलोशिप, रिसर्च ग्रांट, आधुनिक प्रयोगशालाओं तक पहुंच और भारत के प्रमुख अनुसंधान संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा।

योजना के तहत यंग रिसर्च फेलोज, सीनियर रिसर्च फेलोज और रिसर्च चेयर्स जैसी तीन श्रेणियों में अवसर दिए जाएंगे। आवेदन के लिए विदेशों में कार्यरत भारतीय नागरिक, OCI कार्डधारक और भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) पात्र होंगे।

सरकार ने सात प्रमुख संस्थानों को लीड इंस्टीट्यूशन के रूप में चुना है, जिनमें IIT दिल्ली, IIT बॉम्बे, IIT मद्रास, IIT कानपुर, IIT हैदराबाद, IIT धनबाद और IISc बेंगलुरु शामिल हैं। आवेदन प्रक्रिया 1 जून 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

यह योजना न केवल भारत के अनुसंधान क्षेत्र को नई दिशा देगी, बल्कि वैश्विक भारतीय प्रतिभाओं को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का महत्वपूर्ण अवसर भी प्रदान करेगी।

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